मजदूरों के साथ मजाक, सरकार ने खड़े किए हाथ | BHARAT EK SOCH

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिर में ये कह दिया है कि आत्मनिर्भर बनिए..आत्मनिर्भर का अर्थ आप खुद समझते हैं..आत्म निर्भर का मतलब है जो करना है खुद कीजिए..लगे हाथ लॉकडाउन 4 की भी घोषणा हो चुकी है..50 दिन के बिना प्लानिंग वाले लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं निकला..देश की अर्थव्यवस्था की ऐसी की तैसी हो चुकी है..अब मोदी जी ने कह दिया है आत्मनिर्भर बनो..ऐप डाउनलोड करो..केंद्र सरकार से मिली गोली पर अखिलेश यादव ने कहा है कि..


पहले 15 लाख का झूठा वादा और अब 20 लाख करोड़ का दावा...अबकी बार लगभग 133 करोड़ लोगों को 133 गुना बड़े जुमले की मार...ऐ बाबू कोई भला कैसे करे एतबार...अब लोग ये नहीं पूछ रहे हैं कि 20 लाख करोड़ में कितने ज़ीरो होते हैं बल्कि ये पूछ रहे हैं उसमें कितनी गोल-गोल गोली होती हैं..
मोदी ने देश की जीडीपी का जीडीपी मतलब Gross domestic product यानी सकल घरेलू उत्पाद का 10 प्रतिशत यानी 20 लाख करोड़ रूपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है..इससे देश आत्मनिर्भर बनेगा..ये पैसा उद्योगों को मिलेगा..कंपनियों को मिलेगा..आम आदमी के लिए क्या है मजदूरों को सीधे तौर पर क्या मिलेगा ये मजदूर खुद जान लें समझ लें..मजदूरों के लिए पूरे भाषण में मोदी ने मजदूरों के लिए कुछ नहीं बोला..क्यों अभी ये दो कौड़ी के लोग मजदूर हैं चुनाव के समय इनको हिंदू बना दिया जाएगा..अखिलेश यादव ने इस का भी विरोध किया है..

देश के मज़दूर-ग़रीब अपनी विपदाओं के लिए प्रबंध की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें सुनने को मिला केवल निरर्थक निबंध. क्या आधे घंटे से भी ज़्यादा समय में सड़कों पर भटकते मज़दूरों के लिए एक-आध शब्द की संवेदना की भी गुंजाइश नहीं थी. हर कोई सोचे. असंवेदनशील-दुर्भाग्यपूर्ण!
विश्वगुरू बनने की छाती ठोकने वाले कोरोना महामारी में विदेशों की नकल करते ही नजर आया है..अपनी जीडीपी का 10 प्रतिशत आर्थिक पैकेज उद्योगों के लिए जारी करने में जापान पहले नंबर पर है जापान ने अपनी जीडीपी का 21 फीसदी अपने नागरिकों के लिए लगाया है.. जापान  21.1%
  अमेरिका ने  11%
 और भारत ने 10 प्रतिशत...यानी यहां भारत तीसरे नंबर पर खड़ा है..

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