UP सरकार का खजाना खाली, AKHILESH हुए नाराज, 16 लाख कर्मचारियों का पैसा ...

उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमण से सरकारी कर्मचारी प्रभावित होने जा रहे हैं..बिल्कुल सही सुन रहे हैं आप..दोस्तों आपको खबर आगे बताएं उससे पहले एक चीज कहना चाहूंगा कि हम खबरें आपतक कभी लेकर आते हैं जब खबर पुख्ता होती है..भारत एक सोच पर अगर आप खबर या जानकारी देख रहे हैं तो यकीन रखिए यहां फेक न्यूज या गलत जानकारी का स्कोप बिल्कुल नहीं हैं..हम न तो गोदी मीडिया हैं ना ही डिजाइनर पत्रकार हैं तो खबर ये है कि कोरोना वायरस महामारी और लगातार लॉकडाउन के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है..प्रदेश सरकार ने भी केंद्र की तरह अपने कर्मियों का जनवरी से प्रस्तावित महंगाई भत्ता और पेंशनरों का महंगाई राहत रोकने का एलान किया है..


इसके साथ ही सरकार ने छह तरह के भत्ते भी स्थगित कर दिए हैं।..यूपी सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) पर भी रोक लगा दी है.. अब कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए भी नहीं मिलेगा..एक जनवरी 2020 से जून 2021 तक डीए बंद रहेगा.. इसके अलावा सचिवालय भत्ता, पुलिस भत्ता भी बंद कर दिया गया है.. 

इससे यूपी में 16 लाख से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे..11.82 लाख पेंशनरों को झटका लगा है.. आर्थिक तंगी का सामना कर रही सरकार को कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत पर फैसला लेने से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है.. 

योगी सरकार के इस फैसले पर अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकारी सेवकों के DA पर पाबंदी का फैसला सरकार तुरंत वापस ले. एक तरफ़ बिना अवकाश लिए अधिकारी-कर्मचारी लोग अपनी जान पर खेलकर सामान्य दिनों से कई गुना काम कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ सरकार उन्हें हतोत्साहित कर रही है. पेंशन पर निर्भर रहनेवाले बुजुर्गों के लिए तो ये और भी घातक निर्णय है.

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