मूर्ख भक्तों की वजह से लाखों हिंदुओं पर संकट, UAE जैसे मुस्लिम देश लागू ...

भारत में कुछ मूर्ख कट्टरपंथी कोरोना की लड़ाई लड़ते लड़ते मुसलमानों के खिलाफ हो गए..कोरोना का जिम्मेदार मुसलमानों को ठहरा दिया..जिसका बड़ा खामियाजा अब दुबई..और अरब देशों में रहने वाले भारतीयों को भुगतना पड़ रहा है..सोचिए साऊदी आरब ने या उन जैसे मुस्लिम देशों ने हिंदुओं के नजरें टेढ़ी कर दीं तो क्या होगा..नफरत का जवाब नफरत से मिलने लगेगा तो क्या होगा..और ये सिलसिला शुरू हो चुका है..कुछ भक्त किस्म के अज्ञानियों ने भारत सरकार को सफाई देने पर मजबूर कर दिया है..जो सोनू निगम ये कहते थे कि अजान से उन्हें तकलीफ होती है..वो दुबई में फंसे हुए हैं..जो एक मुस्लिम देश है..और वहां उन्होंने अपना ट्वीटर तक डिलीट कर दिया है..अगर भारत में मुस्लिम रहते हैं तो मुस्लिम देशों में भी लाखों भारतीय काम की वजह से रहते हैं..ये बात ध्यान रखनी चाहिए..नफरत बांटोगे तो बदले में नफरत मिलने लगी तो क्या होगा..गल्फ कंट्रीज के कानून सख्त हैं..आप भी कानून सख्त करिए लेकिन धर्म के नाम दुराव मत करिए..मरीज मरीज होता है..जमाती और हिंदुआती थोड़े होता है..


मोदी जी के दफ्तर की तरफ से ट्वीट करने ये सफाई देनी पड़ी और ब्रदरहुड की बातों को दोबारा दोहराना पड़ा. ..कहानी क्या है क्यों मुस्लिम देश सभी धर्मों का आदर करने वाले भारत से नाराज हो गए हैं.. हुआ ये था कि दिल्ली में मार्च महीने में तब्लीगी जमात के एक कार्यक्रम में शामिल हुए सैकड़ों लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए.. इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को दोषी ठहराने लगे. सोशल मीडिया पर चल रही इसी बहस को लेकर कई मुस्लिम देशों ने भारत में कथित इस्लामोफोबिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने भी इन घटनाक्रमों की आलोचना की और कहा कि भारत में ऐसी चीजें रुकनी चाहिए. भारत सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को बयान जारी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए भारत जन्नत है और उनके जीने के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित हैं..

यूएई की राजकुमारी ने दो दिन पहले सौरभ उपाध्याय नाम के एक शख्स के मुस्लिम विरोधी ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर भारतीयों को चेतावनी दी थी. राजकुमारी ने कहा था कि यूएई में धार्मिक आधार पर भेदभाव पैदा करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और ऐसे लोगों को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा.
संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीयों की मुस्लिम विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद और गर्म हो गया. यहां तक कि यूएई में भारत के राजदूत पवन कपूर को सामने आना पड़ा और उन्होंने भारतीयों को कड़ी हिदायत दी...

हेंद कासिमी ये यूएई की राजकुमारी हैं इन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दे डाली कि अगर भारतीयों ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कीं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भारत में भी ये मामला जोर शोर से उठने लगा क्योंकि लाखों की संख्या में भारतीय यूएई में काम करते हैं. यहां तक कि यूएई में हिन्दी को तीसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला हुआ है. बात होने लगी कि क्या इससे प्रधानमंत्री मोदी की उस कोशिश को झटका लगा है जिसके तहत उन्होंने खाड़ी के देशों के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत बनाए थे.

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