THE WIRE के खिलाफ केस, लड़ाई में कूदे AKHILESH | BHARAT EK SOCH

कोरोना की लड़ाई में भी मीडियो दो हिस्सों में बंटा है..एक वो जिसे लोग गोदी मीडिया कहते हैं दूसरे वो जो खुद को सच्चाई का पुजारी बताते हैं..सबका अपना अपना सच है...एक पक्ष में चरण वंदना होती है..दूसरी तरफ आलोचनाओं वाली खबरें..इस युद्ध के बीच में एक न्यूज वेबसाइट फंस गई है..जिस पर योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकर ने केस दर्ज करवा दिए हैं..एक नहीं दो-दो केस दर्ज कराए गए हैं...जिस पर अखिलेश ने ट्वीट किया है..अखिलेश ने कहा कि

एक इंडियन न्यूज़ वेबसाइट द्वारा कोरोना के समय उप्र के मुख्यमंत्री के अयोध्या में एक समारोह में दलबल के साथ जाने की सच्ची ख़बर को प्रकाशित करने का बदला लेने के लिए, उसके संपादक के ख़िलाफ़ FIR किया जाना मीडिया की आज़ादी का हनन व सत्ता का स्पष्ट दुरुपयोग है.
जिनको कहानी नहीं मालूम वो ये जान लें कि .योगी के मीडिया सलाहकार हैं..मृत्युंजय कुमार..इन्होंने द वायर जोकि एक न्यूज वेबसाइट है..उसके खिलाफ दो fir दर्ज कराईं.. fir इसलिए क्योंकि मृत्युंजय का कहना है कि द वायर ने योगी के खिलाफ भ्रामक और झूठी जानकरी छापी..योगी के खिलाफ स्टोरी झूठी छपी या सच्ची हम इसकी वकालत नहीं करते आप द वायर पर जाकर पढ़ सकते हैं लेकिन द वायर के संपादक ने ट्वीट में ..लिखा था  कि जिस दिन तब्लीगी जमात का आयोजन हुआ था, जिस दिन दिल्ली में तबलीगी जमात का कार्यक्रम हुआ, उसी दिन योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अयोध्या में रामनवमी का मेला 25 मार्च से 2 अप्रैल तक के तय कार्यक्रम के मुताबिक ही लगेगा. भगवान राम भक्तों की कोरोनावायरस से रक्षा करेंगे..”  मृत्युंजय कुमार के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ऐसा कुछ कहा नहीं था..फिर दूसरे ट्वीट में द वायर के संपादक ने इसे सही भी किया.((उन्होंने लिखा कि मैं ये स्पष्ट कर दूं कि हिंदुत्वादियों के बड़े धार्मिक नेता और अयोध्या में राममंदिर निर्माण ट्रस्ट के आधिकारिक प्रमुख आचार्य परमहंस ने कहा था कि राम भक्तों की कोरोना वायरस से रक्षा करेंगे. यह बात आदित्यनाथ ने नहीं कही थी.)).
वियो- जब ट्वीट डिलीट नहीं तो इसके बाद फिर से मृत्युंजय ने लिखा कि योगीजी ने ऐसी कोई बात नहीं कहीं है. या तो ट्वीट डिलिट करें या फिर मुकदमा झेलने को तैयार रहें..अगर आप भी योगी सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने की सोच रहे हैं तो कृपया ऐसे ख्लाय दिमाग से निकाल दें..आशा करता हूं कि दो दो केस लड़ने के लिए इनके पास पैसे होंगे..देखिए सच क्या है झूठ क्या है..दिक्कत क्या है आर्टिकल क्या था कैसा था वो पढ़ने के बाद अदालत तय कर देगी..आप भी पढ़ सकते हैं लेकिन बिना कोई लेटर भेजे..ट्वीटर पर ऐसी भाषा में चेतावनियों से सत्ता का अहंकार और दंभ झलकता है..फल से लदे वृक्ष झुक जाते हैं..योगी सरकार अपार बहुमत से विजयी है..और विनम्रता विजयी का गहना होता है...सत्ता अहंकारी हो जाए तो पतन के पथ पर चल पड़ती है

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