पालघर घटना के बाद, RAVISH KUMAR पर हमला | BHARAT EK SOCH

देश भर में कोरोना लॉकडाउन है और इस बीच महाराष्ट्र के पालघर जिले से शुक्रवार को मॉब लिंचिंग की शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी. यहां करीब 200 लोगों की भीड़ ने जूना अखाड़ा के 2 साधु और 1 ड्राइवर को पीट-पीट कर मार डाला था. तस्वीरों में एक साधु पुलिसकर्मी के पीछे छिपकर जान बचाने की कोशिश करता नज़र आया. तमाशबीन बनी रही पुलिस के पास से साधू को खींचकर ले गई भीड़. पालघर मर्डर केस में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं. बता दें कि ग्रामीणों ने इन तीनों लोगों की मॉब लिंचिंग उस समय की, जब ये लोग नासिक की ओर जा रहे थे. इनमें से एक ड्राइवर था, जबकि दो साधु थे जो मुंबई के रहने वाले बताए जा रहे हैं.

 कुछ लोग इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देनें की कोशिश कर रहे हैं.. ऐसे लोग लिख रहे हैं कि अखलाक और जुनैद की लिंचिंग पर सवाल उठाने वाले वाले आज साधुओं की हत्या पर क्यों चुप हैं..इसी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को भी लोगों ने खूब ट्रोल किया। रवीश ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि, अगर कहीं घटना हई है तो उसे लेकर मुझे गाली क्यों देने आते हैं? क्या मैं प्रधानंत्री या मुख्यमंत्री हूं? वैसे घटना नहीं भी होती है तो भी आई टी सेल की फैक्ट्री मुझे गाली दे रही होती है। ये भी एक किस्म का लिंच मॉब है। मैं तो बहुत सी चीज़ों पर नहीं लिखता हूं। जब सही बात लिख देता हूं तब भी यह गाली देने आते हैं। इनकी फैक्ट्री मेरे नाम से चलती है। इन्हें हर वक्त सांप्रदायिकता की तलाश होती है ताकि अपनी सरकार के झूठ पर पर्दा डाल सकें। रवीश कुमार अपने फेसबुक पोस्ट में ये भी लिखा कि, रविवार की शाम अचानक सांप्रदायिकों का समूह मुझे गाली देने लगा। तब तक मुझे इस घटना के बारे में जानकारी भी नहीं थी। अनाप शनाप गालियां देने लगा कि मैं चुप क्यों हूं..
वियो- रवीश कुमार को लोग इसलिए ट्रोल कर रहे हैं क्योंकि रवीश कुमार ने अखलाक की मौत पर सवाल उठाए थे और साधुओं की मॉब लिंचिंग पर कुछ नहीं कहा..


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