CORONA की घटिया चीनी किट मंगाई, AKHILESH ने खूब खरी-खोटी सुनाई | BHARAT ...

देखिए आपको बुरा ना लगे तो एक बात कहूं..किसी को घंटा नहीं पता है कि कोरोना के लक्षण क्या हैं.. कोरोना कैसे ठीक होगा..कोरोना के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए...कल खबर आई कि बिना किसी लक्षण के लोगों को कोरोना हुआ जा रहा है...उससे पहले खबर आई थी कि एक बार ठीक हो चुके कोरोना मरीजों को दोबारा कोरोना हो गया..who ने पहले कहा था कि एक दूसरे से एक से दो मीटर की दूरी पर रहिए फिर कहा कि कोरोना के ड्रॉपलेड्स 6 मीटर तक फैलते हैं..मतलब जिसके पास जितनी मजबूत ढपली है वो उसे उतनी ज्यादा तेजी बजाकर खुद को ज्ञानी साबित कर रहा है..गरीबों को कह रहे हैं जहां हो वहीं रहो वर्ना कोरोना फैल जाएगा..अमीरों के बच्चों को बसें भेजकर मंगा रहे हैं..क्या अमीरों के लौंडों से कोरोना नहीं फैलेगा..सारे के सारे टोटल कंफ्यूज हैं..अच्छा इन सबमें चीन अलग ही अपना धंधा जमाकर बैठा है..पहले उसने कोरोना फैलाया अब डॉक्टरी सामान बेच रहा है...भारत ने चीन से कोरोना टेस्ट करने के लिए किट खरीदी थी..कहतें हैं उनमें से तमाम काम करती हैं..तमाम नहीं करती हैं..चीनी सामान पर पहले ही कोई भरोसा नहीं होता..ऊपर से कोरोना जांच करने की किट चीन से मंगा ली गई है..मतलब आपको कोरोना है या नहीं किट की मर्जी पर है..वो आपको कोरोना मरीज बना भी सकती है..आपको कोरोना नहीं भी है तो भी वो आपको कोरोना पॉजिटिव घोषित कर सकती है..

 इसी पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि (twitter pic)  'चीन से आयातित रैपिड टेस्ट किट को बिना गुणवत्ता की जांच किए प्रयोग में लाना जनता के साथ धोखा है। अब टेस्ट स्थगित करने वाली आईसीएमआर को इस विषय पर पहले ही चेतावनी देनी चाहिए थी। इतनी बड़ी लापरवाही पर सरकार तुरंत स्पष्टीकरण देकर बताए कि पहले जो जांच हुई हैं, उनके परिणाम कितने सटीक थे।
 कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट बने क्षेत्रों में लोगों की स्क्रीनिंग करने के लिए किए जा रहे रैपिड एंटीबाडी टेस्ट पर रोक लगा दी गई है। रैपिड टेस्टिंग किट में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के निर्देश पर इसकी जांच दो दिनों के लिए रोक दी गई है..रैपिड टेस्टिंग किट से नमूनों की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद इसे रोका गया है.. रैपिड एंटीबाडी टेस्ट नोएडा में बने हाट स्पाट में 100 संदिग्ध लोगों का किया गया था और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, वहीं राजस्थान के कोटा से यूपी लौटे इंजीनियरिंग व मेडिकल की तैयारी कर रहे करीब साढ़े सात हजार विद्यार्थियों की भी स्क्रीनिंग इसी से की जा रही है.. अभी तक जितने भी हुए टेस्ट में ज्यादातर की रिपोर्ट निगेटिव आई हैं..सिर्फ गाजीपुर में एक विद्यार्थी की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी..जब इसे पुख्ता करने के लिए दोबारा पेरिमिरेज चेन रिएक्शन यानी पीसीआर टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट निगेटिव आई..भइया किसी के टेस्ट के भरोसे मत रहो..घरों में रहो खुद को कोरोना से बचाओ..बचे रहे तो आगे कुछ और कर पाओगे जो खुद कन्फ्यूज हैं वो आपको बचा नहीं पाएंगे..आपकी जान आपके हाथ में है

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