CORONA नहीं, भूख का इलाज तो होगा, झूठी बातें सुनकर भड़के AKHILESH |  BH...

कोरोना वायरस की कोई दवाई नहीं है..ये बात सही है लेकिन इस बात की आड़ लेकर कोई भी सरकार अपने नागरिकों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के अधिकार से वंचित नहीं रख सकती..कोरोना की दवा नहीं है ठीक है..लेकिन डॉक्टरों के पास मास्क नहीं हैं..ये फेलियर किसका है..डॉक्टरों के पास ग्लब्स नहीं है ये फेलियर किसका है..डॉक्टरों के पास पीपीई किट ही नहीं है ये फेलियर किसका है..सेनिटाइज करने का  केमिकल तक नहीं है..ये फेलियर किसका है..अस्पतालों में 10 बेड पर एक वेंटिलेटर का मानक है..केवल लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में 817 से अधिक वेंटिलेटर की जरूरत है लेकिन  सिर्फ 303 वेंटीलेटर हैं..लॉकडाउन में सबसे बड़ी समस्या भूख बन गई..हम कहां खड़े हैं इसका आंकलन हमें खुद करना होगा..ये राजनीति की बात नहीं है..सरकारों से सवाल करने होंगे किआपने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अब तक क्या किया है..कोरोना की दवा दुनिया में नहीं बनी है इसकी आंड में आप दोयम दर्जे की रद्दी स्वास्थ्य सुविधाओं का पाप नहीं छिपा सकते..अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार याद रखे ‘भूख’ का आइसोलेशन नहीं हो सकता..

अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में लिखा है,"कोरोना का ‘राजनीतिकरण’ दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे मूल मुद्दों से ध्यान हटता है"... इधर सरकार की तरफ से इससे निपटने के लिए कई कदम उठाए जाने का दावा किया जा रहा है. लेकिन विपक्षी दलों की तरफ से लगातार सरकारी तैयारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने सरकार पर पूरे मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया है.अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है,"कोरोना का ‘राजनीतिकरण' दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे मूल मुद्दों से ध्यान हटता है और सरकार से पूछे जानेवाले सही क्वारैंटाइन, स्क्रीनिंग, संक्रमण की जांच, इलाज तथा दूध-दवाई, सब्ज़ी-खाद्यान्न की आपूर्ति जैसे उचित प्रश्न पीछे छूट जाते हैं. सरकार याद रखे ‘भूख' का आइसोलेशन नहीं हो सकता..

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