AKHILESH की डायल 100, 108 की धूम,  कोरोना में अपने कामों से खुश हैं AKHI...

कोरोना महामारी के महाखतरे के बाद लॉकडाउन लगा दिया गया..लॉकडाउन में सड़कों पर सन्नाटा है और इस सन्नाटे में सबसे ज्यादा दो ही गाड़ियां सड़कों पर दिखाई दे रही हैं..एक है 108 एंबुलेंस और दूसरी है 112 यूपी पुलिस की गाड़ी..समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 108 को  लॉन्च किया था..तब 108 को समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के नाम से भी जानते थे..जो पुलिस का नंबर आज 112 है उसे सपा सरकार के दौरान डालय 100 नाम से लॉन्च किया गया था..जिसका नाम योगी सरकार ने नाम बदलकर 112 कर दिया है..

जब यूपी कोरोना के कठिन दौर से गुजर रहा है तो अखिलेश यादव की स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदम ही काम आ रहे हैं..यूपी के तमाम अखबार 108 और 112 की तारीफ कर रहे हैं..जिसे अखिलेश यादव ने ट्ववीट किया और लिखा..
''दूरदर्शी व्यवस्थाओं का महत्व आपदा के समय ही समझ आता है. नाम या नम्बर बदलने पर भी इनसे जिनकी सहायता होती है व जिनका जीवन बचता है, वे सदैव इनके पीछे के मूल प्रेरक को ही याद करते हैं.
ऐसी जन-कल्याणकारी व्यवस्थाओं की सफलता देखकर अपने कार्यों के प्रति बेहद संतोष होता है व ख़ुशी भी.
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने 108 एंबुलेंस की लगभग 2200 एंबुलेंस चलाई थीं..108 एम्बुलेंस सेवा यानी तब की समाजवादी स्वास्थ्य सेवा  की शुरुआत 14 सितंबर 2012 को हुई थी..डायल 100 जिसका नाम 112 कर दिया है अखिलेश सरकार के दौरान  इस योजना में 3200 चार पहिया तथा 1600 दो पहिया वाहन पुलिस को दिए गए थे जो 100 नंबर पर फोन करने के बाद शहरों में 15 मिनट के भीतर और गांव में 20 मिनट के भीतर घटना स्थल पर पहुंचते थे..
आज से करीब 4-6  साल पहले प्रदेश के लोगों के लिए आपातकाल में तुरंत एम्बुलेंस मिलना मुश्किल हो जाता था। साथ ही फ्री में मिलना तो लोगों के लिए मात्र एक कल्पना थी लेकिन अखिलेश के प्रयासों के बाद 108 का सपना हकीकत में बदला था..ये एंबुलेंस चलाने का जिम्मा जीवीके संस्था को दिया गया है..108 सेवा समाज के हर वर्ग के लिए है, इसमें एपीएल और बीपीएल का कोई बंधन नहीं है..

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