130 करोड़ में केवल 5 लाख टेस्ट, AKHILESH ने पूछे सवाल, सरकार के आंकड़े ड...

दिल्ली से स्वास्थ मंत्री का बयान आया है कि हमने 5 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट कर लिया है..एक सौ 30 करोड़ की आबादी में केवल 5 लाख टेस्ट..सोच कर देखिए..एक सौ तीस करोड़ की आबादी में इतने दिन के भीतर केवल 5 लाख टेस्ट..ये है देश की स्वास्थय व्यवस्था की हालत...जो लोग थाली ताली और दीया से कोरोना भगा रहे हैं वो अपना कार्यक्रम जारी रखें..क्योंकि मूर्खों से बात करने का कोई मतलब नहीं है..महीन भर से ज्यादा लॉकडाउन का होने वाला है..लेकिन सरकार ने लॉकडाउन का कोई फायदा नहीं उठाया..महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में टेस्टिंग एक अहम हथियार है. ये बात इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) भी कह चुका है. सरकार को टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर देना चाहिए..इतनी बड़ी आबादी के भीतर एक दिन में केवल 55 हजार टेस्ट हो रहे हैं..

ये बात सही है कि दुनिया में कोरोना की दवा नहीं बनी है..लेकिन दुनिया में कोरोना का टेस्ट तो बहुत तेजी से हो रहा है..कोरिया जैसे देशों ने देश के सारे नागरिकों का टेस्ट करा दिया..जहां जितने कोरोना मरीज मिलते गए उनको अलग करते गए उनका इलाज करते गए..लेकन भारत में सब मूड़ बुद्धि हैं..कोई सवाल करने वाला नहीं है..विपक्ष पैदल है...सरकार नैतिक शिक्षा की क्लासेज चला रही है..घरों में रहिए घरों में रहिए..घरों में तो हम हैं हीं..हम घरो में हैं भइया तुम टेस्ट तो करो..जिंदगीभर तो लॉकडाउन नहीं रख सकते ना..एक महीने में केवल 5 लाख टेस्ट कर पाए हो..दुनिया के दूसरे देशों से सीखो..टेस्ट बढ़ाओ..
अखिलेश यादव ने भी सरकार से कुछ सवाल किए हैं..अखिलेश ने लिखा कि सरकार से उत्तर माँगते कुछ प्रश्न हैं..अन्य राज्य से आये लोगों के उपचार; मनरेगा में काम न मिलने; राशन के न मिलने, कम या ख़राब मिलने; गन्ना किसान के लंबित भुगतान व अधिकांश गेहूँ खरीद केंद्र की बंदी; अन्य बीमारी के दवा और इलाज; गोवंश को बचाने तथा बिना राशनकार्ड वालों के लिए व्यवस्था की जाए...दरअसल होता क्या है..सरकारें कागज पर कुछ और होती हैं और हकीकत में कुछ और..कोरोना ने सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की नंगी हकीकत देश के सामने ला दी है..

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