समाजवादी पार्टी बनी लोगों की पहली पसंद, अखिलेश ने किया फायदेमंद इनवेस्टमेंट

 समाजवादी पार्टी का बहुजन समाज पार्टी की जो थोड़े समय की दोस्ती थी. सपा के लिए सबसे फायदेमंद इनवेस्टमेंट बनकर सामने आने वाला है..गठबंधन भले टूट गया, लेकिन इस छोटी सी दोस्ती में बीएसपी के कई नेताओं को समाजवादी पार्टी की नीति और नीयत भा गई है.

खासकर विधानसभा उपचुनाव के बाद बीएसपी के कई नेताओं ने सपा का दामन थामना शुरू कर दिया है ये सिलसिला आगे बहुत तेजी से बढ़ने वाला है..मायावती से गठबंधन के बाद जमीनी स्तर पर सपा और बसपा के कार्यकर्ताओं की दुश्मनी 90 प्रतिशत तक खत्म हो चुकी है..


 समाजवादी बन रही है लोगों की पहली पसंद


 कुछ दिन पहले बीएसपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दयाराम पाल ने  सपा ज्वाईन की..उनके साथ को-ऑर्डिनेटर रह चुके मिठाई लाल को भी अखिलेश का व्यहवार बहुत पसंद आया.. बीएसपी सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहे भूरेलाल, कैबिनेट मंत्री रहे कमलाकांत गौतम ने भी अखिलेश की मौजूदगी में सपा का दामन थामा..


 इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कई पूर्व विधायकों, को-ऑर्डिनेटर, जिलाध्यक्ष भी सपा में शामिल हो चुके हैं..उपचुनाव के नतीजों ने सपा के बेहतर भविष्य के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर बीएसपी लगातार बदतर प्रदर्शन कर रही है। साथ ही इससे निजात पाने के लिए आंदोलन या दूसरी राजनीतिक गतिविधियां शून्य हैं। इसलिए एसपी बेहतर विकल्प है।


क्षेत्रीय दलों की राजनीति में स्थानीय समीकरण अहम होता है। इसलिए बीएसपी के कई नेता अपने-अपने क्षेत्र के स्थानीय समीकरण और समन्वय को भी ध्यान में रखते हुए सपा चुन रहे हैं..



समाजवादी पार्टी की हवा 2022 तक आंधी में बदल सकती है क्योंकि..बीएसपी नेता सपा में जॉइनिंग के दौरान मंच से लोहिया के साथ ही बीएसपी के संस्थापक कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर के नारे भी खूब लगा रहे हैं..


https://www.youtube.com/watch?v=G6eMsPqYLP8

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