जो कहते हैं कानून सबके लिए बराबर है वो आपको चूतिया बनाते हैं..कल योगी रोए थे..आज आजम रो रहे हैं..


समाज का नियम है कि समार्थ्यवान का दोष नहीं देखा जाता..अभी योगी सामर्थयवान हैं..कभी आजम सामर्थयवान थे..अभी आजम रो रहे हैं कभी योगी संसद में रोए थे..हम आपको ये क्यों बता रहे हैं..क्योंकि आम लोगों से एक सफेद झूठ बोला जाता है..कि कानून सबके लिए बराबर है..आज जितने लोग मेरा ये वीडियो देख रहे हैं..वो अपने दिल पर हाथ रखकर बताएं कि क्या कानून सबके लिए एक है.

नहीं है कानून सबके लिए एक..यहां अमीर के लिए अलग कानून है..गरीब के लिए अलग कानून है..सत्ता में बैठे आदमी के लिए अलग कानून है..बरसों से चूतिया बना रहे हैं कि कानून सबके लिए एक है..ज्यादा दूर मत जाइए..सेंगर के लिए अलग कानून था..पीड़िता के लिए अलग था..सेंगर बलात्कार के आरोप के बाद भी मौज में है. और पीड़िता 3 बॉडीगार्ड होते हुए भी मरने की कगार पर है.

एयर पोर्ट पर आम आदमी को ठीक से चेक किया जाता है..मुसलमान को नंगा करके चेक किया जाता है और नेता बिना चेकिंग के जहाज में बैठ जाता है..सैकड़ों उदाहरण हैं कानून के सौतेलेपन के..खैर आज बात आजम खान की करने का मन है...


जो आदमी 9 बार विधायक रहा हो..सांसद रहा हो मंत्री रहा हो..वो किताबें चोरी करेगा क्या..वो मिट्टी के शेर चुराएगा क्या..वो अलमारी वगैरह चुराकर अपनी यूनिवर्सिटी में रख लेगा क्या. गलब चूतियापा चल रहा है..

कहने लगे आजम खान भू माफिया हैं..पोर्टल पर डाल दिया..ठीक है मान लिया भू माफिया हैं..कहने लगे आजम खान चोर हैं..यूनिवर्सिटी से किताबें बोरी में भरकर बरामद कर ले गए..मान लिया चोर हैं..कहने लगे आजम के लड़के ने पासपोर्ट में अपनी उम्र गलत बताई पकड़ ले गए गए ठीक है गलती की..

लेकिन सवाल ये है कि आजम खान जब भूम माफिया बन रहे थे..मतलब बच्चों के लिए यूनिवर्सिटी बना रहे थे..तब भी कानून था..तब कानून कान में तेल डाले कहां पड़ा था..क्या तब के कानून को रतौंधी आ रही थीं..तब के सारे लेखपालों को कानून गो को..जमीन मापने वाले अधिकारियों को..तब के आईएएस पीसीएस को नंगा करके बेल्ट चलवाइये..जेल में डालिए..क्योंकि आजम खान तो जमीन नापने गए नहीं होंगे..आजम खान तो ईंटा गारा लेकर दीवार बनाने गए नहीं होंगे थे तो सब यही अधिकारी..यानी पहली सरकार के आधिकारियों के लिए आजम ठीक थे..इस सरकार के अधिकारियों के लिए खराब हो गए.



लगभग 35 मुकदमे आजम के खिलाफ लिखे गए हैं..ठीक बात है कानून नहीं मानोगे तो लिखे जाएंगे..क्योंकि कानून सबसे लिए एक नहीं है..तो एक जैसा जरूर है..इतने मुकदमे होने के बाद भी सरकार आजम को जेल में क्यों नहीं डाल रही..डाल दो.. लेकिन नहीं. अब हम बताते हैं आजम को जेल में नहीं डाल सकते..क्योंकि बदनाम करने भर के आरोप तो हैं लेकिन जेल में डालने भर के सबूत नहीं है.


कानून सबके लिए कभी बराबर रहा ही नहीं..कानून सत्ता के हाथ की कठपुतली है..जो लोग कानून के बराबर होने की बात अगली बार आप से करें उनको चूतिया समझकर माफ कर दीजिएगा..हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री जी पर भी मुकदमे थे..उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने ऊपर चल रहे केस खुद हटा लिए..




कहते हैं सब फर्जी थे..यानी कानून अंधा होने के साथ फर्जी भी है..इसलिए जो आजम आज की सरकार में किताब चोर हैं..जमीन खोर हैं..वो अलगी सरकार में गांधी हो सकते हैं..क्योंकि जो संत पिछली सरकार के लिए दंगों का आरोपी था वो आज महंत हैं..मुख्यमंत्री हैं..अगली बार जब कोई कहे कि कानून सबके लिए बराबर है तो. उसे कह देना चूतिया ना बनाओ..

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