बैंगन की कहानी के बाद..धारा 370 (artical 370) पर अखिलेश (akhilesh) की हुंकार पर कुर्सी छोड़कर खड़े हुए अमित शाह (amit shah)


हिंदू हो या मुसलमान कौन सा भारतीय नहीं चाहता कि देश में एक संविधान, एक प्रधान और एक निशान होना हो..जब सब चाहते थे..तो सबकी चाहत पूरी हो चुकी है..अब कश्मीर की रुखसाना दुल्हन बनकर उत्तर प्रदेश के रहीम के घर आ पाएगी ..बिहार का आदमी कश्मीर में 7 मेल के पानी के बताशे बेचेगा..अब डल झील में बनारस के बड़कऊ नाव चला पाएंगे..दिल्ली के ऑटो वाले गलमर्ग में सवारियां खोजते मिल जाएंगे..अब आप कश्मीर में प्लॉट खरीदिए...क्योंकि भारत सरकार ने कश्मीर के कोढ़ धारा 370 को खत्म कर दिया है..कांग्रेस ऐसे परेशान है जैसे अमित शाह ने उसके बिस्तर पर खटमल डाल दिए हों..अखिलेश के मन मन तो भा रहा है लेकिन फिर भी मुंडी हिला रहे हैं..बन जी इस फैसले में अपने राखी भाइयों के साथ हैं..

अखिलेश यादव (akhilesh yadav) ने धाार 370 पर सरकार के कदम का स्वागत किया लेकिन..अंध समर्थन नहीं दिया..अखिलेश यादव की समाज के प्रति दूरदर्शी सोच की हर तरफ तारीफ हो रही है..अखिलेश ने कहा कि देश की वो एकता और अखंडता की मजबूती के लिए उठाए गए किसी भी कदम का स्वागत करते हैं लेकिन लोकतंत्र में छल, कपट, बल का उपयोग लोकतांत्रिक नियमों का उल्लंघन है..सहमति और भरोसे से फैसले होने चाहिए.. सभी दलों को बातचीत का हिस्सा बनाना चाहिए.. एकतरफा निर्णय से विवाद पैदा होता है..

सपा प्रमुख ने कहा कि दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कह रहे थे कि उन्हें कुछ नहीं पता है, लेकिन पिछले 48 घंटे में आपने जो किया वो पूरे देश ने देखा है. आप जश्न मना रहे हैं, लेकिन जिस प्रदेश के लिए फैसला लिया गया है वहां के लोगों का क्या?

इस दौरान अखिलेश ने एक किस्सा भी सुनाया और कहा कि बादशाह ने एक बार दावत में कहा कि बैंगन की सब्जी अच्छी है तो उनके मंत्रियों ने भी सब्जी की तारीफ कर दी. और बादशाह के साथी बीरबल ने भी ऐसा ही किया. लेकिन अगले ही दिन जब बादशाह की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने बीरबल के सामने बैंगन की सब्जी की बुराई की.

अखिलेश ने बताया कि इसके बाद बीरबल ने भी ऐसा ही किया, जब बादशाह ने सवाल किया तो बीरबल ने कह दिया कि वो बैंगन की नौकरी नहीं करते हैं, बल्कि बादशाह की नौकरी करते हैं. जो बादशाह कहेगा, वही मैं कहूंगा.

 अखिलेश यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल ने भी ऐसा ही किया है. सपा प्रमुख ने बताया कि मैं जिस आर्मी स्कूल से पढ़ा हूं वहां के कई साथी घाटी में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए हैं, मेरे साथी मेजर गोपिंदर सिंह राठौड़ को भी हमने खोया है. उन्होंने कहा कि आप लोग कहते हो कि सत्तर साल में कुछ नहीं हुआ है तो क्या आप अपने 11 साल नहीं गिनते हैं.

इसके अलावा अखिलेश यादव ने सरकार से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीरपर भी जवाब मांगा और पूछा कि गृह मंत्री इस बात का भरोसा दें कि PoK हमारा ही हिस्सा है. गृह मंत्री बताएं कि  हमारा है. उन्होंने कहा कि साथ ही ये भी बताएं कि कश्मीर जैसी खुशी नगालैंड-मिजोरम-सिक्किम में कब मिलेगी.

बैंगन की कहानी के बाद..धारा 370 (artical 370) पर अखिलेश  (akhilesh) की हुंकार पर कुर्सी छोड़कर खड़े हुए अमित शाह (amit shah)


Comments

Popular Posts