अखिलेश और मायावती ने तलाक विरोधी मुस्लिमों के साथ धोखा किया



 तीन बार तलाक तलाक कहकर अपनी बेगम को छोड़ देना अब से अपराध माना जाएगा..लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पास हो गया..क्योंकि सपा बसपा के दांत खाने के और और दिखाने के और निकले..सपा बसपा मुस्लिम मौलानाओं को दिखाती रही कि वो तीन तलाक के विरोध में डटकर खड़ी हैं..लेकिन जब वोटिंग की बारी आई तो भाग खड़े हुए..संसदीय भाषा में कहें तो वॉकआउट कर गए..

राज्यसभा में तीन तलाक पर सतीश चंद्र मिश्रा ने खूब ज्ञान दिया. ये मायावती के दाहिने हाथ हैं.और मायावती खुद को मौलानाओं की मसीहा बताती हैं. लेकिन जब बारी मौलानाओं का साथ देने की आई शरिया का साथ देने की आई तो भाग खड़े हुए जो मुस्लिम इनको बीजेपी से लोहा लेने वाला नेता समझते थे तीन तलाक पर बीजेपी के सामने मोमबत्ती की तरह पिघलकर भाग खड़े हुए.



मैदान से भाग जाना शत्रु के आगे हथियार डाल देने के बराबर ही है. राम गोपाल यादव ने भी तीन तलाक बिल का आखिर तक विरोध किया लेकिन जब मौका बिल के खिलाफ वोट देने की आई तो खिसक लिए. .मतलब ना तो वोटिंग में इन्होंने तीन तलाक का साथ दिया ना ही तीन तलाक का विरोध किया बल्कि निर्णायक घड़ी में सदन से गायब हो गए..यानी तीन तलाक पर मौन होकर बीजेपी के साथ खड़े हो गए..ये भी उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के नंबर एक और नंबर दो के मसीहा हैं..इनके पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुलायम के नाम से मशहूर गए थे लेकिन तीन तलाक बिल पर ये मौलानाओं के साथ खड़े नहीं हो पाए..



अब आ जाइये आंकड़ों पर राज्य सभा में बीजेपी का बहुमत नहीं  है..बीजेपी के पास इतने वोट नहीं थे कि राज्य सभा में तीन तलाक बिल पास करा सके लेकिन वोटिंग में तीन तलाक बिल के समर्थन में पड़े 99 वोट और विरोध में पड़े 84 वोट समाजवादी पार्टी के राज्यसभा में 12 सांसद हैं..मायावती की बहुजन समाज पार्टी के पास हैं 4 राज्यसभा सांसद.. 12 और 4 को तलाक के विरोध में पड़े 86 वोट में जोड़ दिया जाए तो हो जाते हैं 102 वोट  यानी अगर सपा और बसपा तीन तलाक विरोधी मौलानाओं का साथ देते तो तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास नहीं हो सकता था..मतलब सवाल सीधा सा यही है कि क्या सपा और बसपा ने तीन तलाक बिल पर वोटिंग से वॉकआउट करे तीन तलाक विरोधी मुस्लिम मौलानाओं से धोखा किया है...



तीन तलाक बिल पर मौलानाओं से धोखा करने के बाद  अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी..मुस्लिमों से वोट की गुहार लगाने वाली मायावती ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी..प्रियंका  गांधी मुस्लिम बहनों को बधाई देने ट्वीटर पर नहीं आईं..इनके विपरीत प्रधानमंत्री ने कहा..करोड़ों मुस्लिम महिलाओं की जीत है.. मुख्यमंत्री योगी ने कहा नारी गरिमा विरोधी बेनकाब हो गए...

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