बैकगेयर में अखिलेश, बेनी के चरणों में समाजवाद - व्यंग्य



अखिलेश यादव ने बैक गेयर लगा लिया है.. जिन नेताओं को 2017 विधानसभा चुनाव में किनारे लगाया था अब उन्हीं के पैर छू रहे हैं...अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह के दोस्त शिवपाल यादव के करीबी और वर्तमान में सपा से ही राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया..बेनी बाबू के 78वें जन्मदिन पर सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव बधाई देने के लिए उनके लखनऊ वाले घर पहुंचे थे...2017 की अकड़ के बाद अब...पैरों पर झुके अखिलेश यादव को बेनी प्रसाद वर्मा ने गले लगाया...2019 लोकसभा चुनाव सामने हैं...ऐसे में बड़े बुजुर्गों और राजनीति के लिए जरूरी नेताओं को मानाने का दौर अखिलेश ने शुरू कर दिया है... शिवपाल यादव को जन्मदिन की बधाई दे चुके हैं..और अब बेनी प्रसाद की चरण वंदना का भी अध्याय लिख दिया है...

बेटे से बैर 'बाप' से दोस्ती


अखिलेश यादव ने 2017 विधानसभा चुनाव में बेनी के बेटे का टिकट काट दिया था...जिससे बेनी नाराज थे..और बेनी के बेटे ने अखिलेश के खिलाफ बगावत का बिगुल जमकर फूंका था..लेकिन अखिलेश का बेनी प्रसाद के पैर छूना राजनीतिक अवसरवादिता को दिखाता है...2019 में लोकसभा चुनाव हैं.. सपा में बेनी वर्मा के कद का कोई कुर्मी नेता नहीं है..अखिलेश ने बिना नाखून वाले कुर्मी नेता नरेश उत्तम को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है...और वो जानते हैं कि उनके कहने से कुत्ता भी पोलिंग बूथ की तरफ नहीं जाएगा....ले दे के बचते हैं बेनी प्रसाद वर्मा...लेकिन बेनी बाबू भी यूपी की कुर्मी नेता और...पना दल की अनुप्रिया पटेल के आगे दगे हुए कारतूस ही सबित होते हैं...और यही वजह थी की कांग्रेस ने बेनी बाबू को किनारे लगा दिया था...

अखिलेश को बेनी के पैर क्यों छूने पड़े वो समझिए...


अखिलेश के घर में महाभारत छिड़ी थी...शिवपाल यादव ने 2017 विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए थे..जिसमें बाराबंकी की रामनगर सीट से बेनी के बेटे राकेश वर्मा को कैंडिडेट बनाया गया था..लेकिन जब चुनाव आयोग में कानूनी लड़ाई जीतकरआए अखिलेश सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने..तो जनवरी  2017 में अपनी नई लिस्ट जारी करके...बेनी बाबू जी के सुपुत्र श्री राकेश का नाम काटकर अरविन्द सिंह गोप को बाराबंकी की रामनगर से टिकट दे दिया..गोप अखिलेश के चहेते हैं...बेनी बाबू ने मुलायम के खूब चक्कर लगाए...बेनी बाबू की गाड़ी मुलायम के घर के सामने ही खड़ी रहती थी...हर शाम बेनी मुलायम के सामने खड़े पाए जाते थे..बेटे को टिकट दिलाने की खूब पैरवी की..लेकिन अखिलेश ने मुलायम की भी नहीं सुनी..अब बेनी के जन्मदिन पर अखिलेश का उनके पैरों पर गिरना दूर की कौड़ी के तौर पर देखा जा रहा है...अखिलेश ये जानते हैं 2019 में सारे शिवपालवादी अखिलेश को फेलियर साबित करने के लिए जबरदस्त भितरघात करेंगे...इसीलिए 2017 में अपना औरा चमकाने के लिए जमाने को ठोकर मारने वाले अखिलेश... बेनी बाबू के कदमों  में हैं...


बेनी प्रसाद वर्मा वही आदमी हैं जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क में समाजवादी पार्टी बनाई थी..लेकिन बाद में मुलायम से विवाद के चलते अपनी  नई पार्टी बनाई और फिर कांग्रेस में चले गए...कांग्रेस में  केन्द्रीय इस्पात मंत्री बने 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने यूपी के टिकट बंटवारे में बेनी वर्मा के सुझावों को महत्व दिया.. लेकिन बेनी अपनी जाति के वोटरों को ही कांग्रेस के पक्ष में मोड़ नहीं पाए..बेनी खुद चुनाव हार गए...बेनी का कांग्रेस में रौला खत्म हो गया..बेनी ने मुलायम से दोस्ती बढ़ानी शुरू की.. मुलायम ने बड़ा दिल करते हुए भाई शिवपाल यादव की पैरवी पर बेनी बाबू और अंकल अमर सिंह को एक साथ राज्यसभा भेज दिया...बेनी ना तो अखिलेश के रिश्तेदार हैं..ना सगे संबंधी...ना ही गुरू हैं...लेकिन ये फेल होने का डर है....जो अखिलेश को राजनीतिक तौर पर लाचार हो चुके लोगों के कदमों में गिरा रहा है...


(( विचार लेखक समाजवादी पार्टी के बड़े नेता हैं..किसी भी तरह की आपत्ति की दशा में आप कमेंट में विचार छोड़ सकते हैं उन तक पहुंच जाएंगे))

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