किम जोंग जैसा है मोदी का बारूदी बजट - व्यंग्य


गूगल चित्र

मोदी जी ने पहले ही कह दिया है कि ये बजट 125 करोड़ जनता का बजट है...लेकिन बजट में जेटली जी ने उन 600 करोड़ मतदाताओं को नहीं पूछा..जिन्होंने मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया...आखिरी बजट में मोदी जी ने अपने 600 करोड़ मतदाताओं को बजट में कुछ नहीं दिया..ऊपर से बांस सस्ता और कर दिया है..राजनीतिक पंडितों को डर है कहीं वो 600 करोड़ मतदाता बांस कर ना दें..मतलब बांस पर कर tax देना बंद ना कर दें...चार साल के जख्मों के बाद नमक भी सस्ता कर दिया है...लोग चाहें तो खुद रगड़ लें...वरना सरकार को एक साल बाकी हैं...       

कहते हैं सूट बूट वाली सरकार ने जैकेट वाले विपक्ष की आंखों के नीचे चड्ढी बनियान वाले किसानों के लिए खजाने के मुंह खोल दिए हैं...फसल सूखने पर इस बार किसानों के लिए मखमली फांसी के फंदे बनावाएजाएंगे...बारिश, बिजली, ओला, सूखा से फसल खराब होने पर 5 पैसे का मुआवजा मढवाकर दिया जाएगा... सारे सरकारी मंत्रियों ने एक स्वर में 2018-2019 के बजट को किम जोंग के बारूद बजट से भी करारा बजट करार दिया है...
                              जैसा कि हर बार किया जाता है..दवाइयां सस्ती कर दी गई हैं अब इलाज के लिए गरीब को खेत नहीं बेचने पड़ेंगे...गिरवी रखकर ही दवाई खरीदी जा सकती है...गैस इतनी सस्ती कर दी है कि लखनऊ वाले सहमें हुए हैं कि कहीं काकोरी के चौधरी मोहल्ले में पाकिस्तानी-चीनी pok और डोकलाम लांघकर...मैदान जाने के वक्त में भारत गैस एजेंसी के सामने लाइन लगाकर ना खड़े हो जाएं... aये बजट प्रमाणित गरीब..नोटबंदी वाले गरीब..और जीएसटी वाले गरीब,,तीनों का बजट है...विपक्ष इस बजट की निंदा बजट भाषण शुरू होने के पहले ही कर चुका है...क्यों एक हगासी कुतिया दूसरी का मुंह देखकर ही..बन रहे प्रेशर का अंदाजा लगाने का हुनर रखती है ...


Comments