किम जोंग के रूप में खिलजी का पुनर्जन्म !


खिलजी का फिल्म चित्र

गूगल चित्र
दुनिया को जीत लेने की हवस खिलजी भी मन में संजोकर कर चला था..और दुनिया को मिट्टी में मिलाकर उस पर राज करने का सपना  किम जोंग उन का भी है...खिलजी का भी कभी इंसानियत नाम की चिड़िया से वास्ता नहीं रहा..और किम जोंग उन भी इंसानी खाल में छिपा हुआ वो दानव है जान लेना जिसका शगल है..खून से नहाना जिसकी आदत है..जो खेल खेल में कत्ल करता है और बात बात पर मिसाइल दाग देता है...परमाणु पावर की भूख ने किम जोंग को 21वीं सदी का सबसे बड़ा शैतान बना दिया है...

       खिलजी और किम में समानता
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खिलजी अय्य़ाश था किम महाअय्य़ाश है
खिलजी दुनिया पर विजय पाना चाहता है था
किम भी दुनिया का दादा बनना चाहता है 
खिलजी ने अपने चाचा का हत्यारा था
किम अपने फूफा-बुआ भाई अधिकारियों सबका हत्यारा है
खिलजी सनकी था
किम जोंग उन महासनकी है
खिजली भारत विजय चाहता था 
किम जोंग उन दक्षिण कोरिया विजय चाहता है
खिलजी के लिए कोई नियम कानून मायने नहीं रखते थे
किम के समाने भी दुनिया के सारे कायदे कानून बेकार हैं


उत्तर कोरिया में किम जोंग के रूप में खिलजी का पुनर्जन्म हो चुका है...किम जोंग के भीतर खिलजी की सारी आदतें..स्वभाव और हावभाव कूट कूट कर भरा है..हमेशा युद्ध के लिए उतावला रहने वाला किम जोंग उन पिछले डेढ़ महीने से अपने पड़ोसी देश के राजा से दोस्ती करने का नाटक कर रहा था..खेलों के जरिए दोस्ती के संबंधों को मजबूती देने की बात कर रहा था..अमेरिका की सीआईए से लेकर जापान तक ने दक्षिण कोरिया को आगाह किया था कि किम जोंग भरोसा करने लायक नहीं  है..किम से हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है...दक्षिण कोरिया 

हिन्दुस्तानी राजाओं की तरह किम को अपना दोस्त मान चुका था..लेकिन ने आखिर कार दक्षिण कोरिया की पीठ में छुरा घोंप दिया है..खेल अभी शुरू भी नहीं हुए हैं कि किम जोंग उन ने खिलजी वाली अपनी दोगली चाल दिखा दी है...

दोस्ती करके..पीठ में छुरा उतार देने की अलाउद्दीन की आदत थी..इसी आदत के चलते उसने राजस्थान में राजा रतन सिंह को छल से मारा था..और किम भी अपने एक खास दोस्त का गला घोंट रहा है.. किम जोंग उन और बेरहम अलाउद्दीन खिलजी एक जैसे ही हैं..ऐसा लगता है जैसे किम को रूप में अलाउद्दीन खिलजी का पुनर्जन्म हो हो चुका है..दोस्ती करके..पीठ में छुरा उतार देने की अलाउद्दीन की आदत थी..इसी आदत के चलते उसने राजस्थान में राजा रतन सिंह को छल से मारा था..और किम भी अपने एक खास दोस्त का गला घोंट रहा है.. 

दरअसल मसला ये था कि कोरियाई प्रायद्वीप में होने वाले ओलंपिक में 2 साल बाद किम की टीम को खेलने के लिए दक्षिण कोरिया ने न्योता दिया था...दक्षिण कोरिया चाहता था कि कोरियाई प्रायद्वीप से दुश्मनी खत्म हो..दक्षिण कोरिया 
और उत्तर कोरिया मिलकर रहें..जनता आपस में प्रेम से जीवन जिये..और इसकी शुरूआत के लिए खेलों को चुना गया...किम को न्योता भेजा गया..न्योता मिलते ही किम के शैतानी दिमाग में खिलजी की तरह पूरा प्लान तैर गया..किम तुरंत दक्षिण कोरिया से खेल खेलने को तैयार हो गया...ये खेल दक्षिण कोरिया के लिए शांति और सद्भभावना के लिए हैं..लेकिन किम के लिए दक्षिण कोरिया को तबाह करने का सबसे मुफीद अवसर बन गया..किम ने अपने देश के खुंखार अधिकारियों को बातचीत के लिए भेज दिया...कुछ दिन बात अपनी सबसे चहेती प्रेमिका को भी 
दक्षिण कोरिया में होने खेलों का जायजा लेने के बहाने भेजा...लेकिन वहीं पर दक्षिण कोरिया से हो गई एक ऐसी गलती जिसका बदला लेने के लिए किम ने ठान लिया... 
             
9 फरवरी को दक्षिण कोरिया में विंटर ओलंपिक
किम ने 22 खिलाड़ी खेल खेलने के लिए चुने
400 लोगों को खिलाड़ियों की सेवा में तैनात किया
4 फरवरी को किम की जमीन पर होना था सांस्कृतिक कार्यक्रम
दक्षिण कोरिया ने किम की धरती पर जाने से इंकार कर दिया


कुछ सूत्रों का कहना है कि किम जोंग उन ने ये कार्यक्रम रद्द किया है और कुछ सूत्र बताते हैं दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी को किम की किसी बड़ी चाल  का पता चाल गया था जिसके बाद किम दक्षिण कोरिया ने किम के इलाके में जाने से इंकार कर दिया..सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने दी है.. किम जोंग दोस्ती की मिठास को बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया के माउंट कुमगांग में दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाला था..जो रद्द हो चुका है.. दक्षिण कोरिया ने पहले किम जोंग को खेल खेलने के लिए अपने देश में इनवाइट किया..किम जोंग तैयार हो गया..उसने अपनी टीम भेज भी दी..फिर किम ने दक्षिण कोरिया को अपने देश में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बुलाया...ये ठीक वैसा ही है..जैसे पद्मावत में खिलजी और चित्तौड़ के राजा राणा रतन सिंह के बीच होता है...खिलजी राणा को अपने शिविर में बुलाकर धेखे से बंधकर बना लेता है..जिस तरह से किम जोंग उन दक्षिण कोरिया को अपने इलाके में बुलाकर सास्कृतिक कार्यक्रम की मांग कर रहा था उससे किसी बड़े अनिष्ठ की आशंका जताई जा रही थी लेकिन अब किम की धरती पर होने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द हो चुका है..


किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया में होने वाले विंटर ओलंपिक का जायजा लेने ने लिए भेजा था..दक्षिण कोरिया कोरिया के लोग धोखेबाज किम के साथ दोस्ती करके खेल खेलने का विरोध कर रहे थे..सौकड़ों लोगों ने किम जोंग की प्रेमिका और किम के लिए बड़े बड़े खुफिया कामों को अंजाम देने वाली उसकी विषकन्या के सामने किम के पोस्टर जला दिए...किम को ये बात पता चली तो उत्तर कोरिया के अखबारों सहित किम ने दक्षिण कोरिया को खूब आंखें दिखाईं थी..यहां तक कि किम जोंग उन के मुखपत्र ने दक्षिण कोरिया को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने तक की धमकी दे दी थी...और उसके बाद अब दक्षिण कोरिया अब किम की धरती पर पैर नहीं रखेगा..दक्षिण कोरिया का ये कदम किम की एक चाल से तो बचा सकता है लेकिन किम के चंगुल से दक्षिण कोरिया का बचना मुश्किल ही नहीं लगभगन नामुमकिन है क्योंकि अगर किम ने चाह लिया तो दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया का जल्लाद चुटकियों में मसल सकता है.. हो सकता है कि दक्षिण कोरिया ने किम की धरती पर ना जाकर किम की एक चाल नाकाम कर दी हो लेकिन किम अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए कोई ना कोई साजिश जरूर रच रहा है..इस बात का खुलासा अमेरिकी खुफिया एजेंसी के चीफ भी कर चुके हैं..और जापान भी खिलजी से प्रभावति खिलाड़ी किम के विंटर ओलंपिक पर नजर बनाए हुए है

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