कौन से भूत को चोटी काटने में मजा आता है ? : व्यंग्य


केश क्रांति के दौर में महिलाओं के सिर पर  खतरा मंडरा रहा है

कोई आता है और चुपके से चोटी काटकर ले जाता है...ये कोई..कौन है जिसे बालों से इतना प्यार है...ये कौन है जो केवल महिलाओं के ही केश काटता है..लोग का शक..किसी सनकी की सनक..शरारती तत्व और देवीय शक्ति के बीच घूम रहा है..दैवीय शक्ति को इतना ''बाल'' प्रेम हो नहीं सकता...अगर किसी अदृश्य शक्ति को

बालों से इतना मोह होता..तो ये मोह बहुत पहले सामने आ चुका होता..तो मामला अदृश्य शक्ति का बिल्कुल है नहीं..अब बात आती है किसी सनकी की सनक

पर तो कोई सनकी एक शहर में चोटी काट सकता है..एक जिले में चोटी काट सकता है..एक राज्य में चोटी काट सकता है..लेकिन अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग गांवों

में जा-जाकर चोटी नहीं काट सकता..तमाम अफवाहों और चोटीकटवा के डर के बीच तीसरा और आखिरी विकल्प..शरारती तत्वों का ही बचता है.

सबसे पहले देखिए कि किन-किन राज्यों में महिलाओं की चोटी काटी जा रही है...पहला राज्य है...राजस्थान..दूसरा राज्य है हिरयाणा...तीसरा राज्य है

यूपी...चौथा राज्य है..दिल्ली और पांचवां राज्य जहां चोटी काटने की वारदातें समाने आने लगी हैं वो है मध्यप्रदेश

चोटी चोरी के सामाजिक समस्या बनते ही उसी समाज में एंटी चोरी उपाय भी इजाद हो चुके हैं..लोगों ने नींबू मिर्च और नीम के पत्तों को अपनी सुरक्षा में

तैनात कर दिया है...महिलाएं बालों को काला लंब घना और रेशमी बनाने के लिए अब तक आंवला शीकाकाई और रीठा का इस्तेमाल करती थीं...अब बालों की संपूर्ण

देखभाल नींबू..मिर्ची और नीम के पत्ते कर रहे हैं...हरियाणा के जिन जिलों में चोटी काटने वाली शक्तियों का आतंक है वो जिले हैं..
1. गुरुग्राम
2. फरीदाबाद
3. रेवाड़ी
4. पलवल
5. फतेहाबाद
6. मेवात
राजस्थान यानी जो राज्य चोटी काटवा का जनक है उसके चोटी पीड़ित जिलों के बारे में भी जान लीजिए..वो जिले हैं..
1. बाड़मेर
2. नागौर
3. बीकानेर
4. जैसलमेर
5. मारवाड़
6. बाड़मेर
7. जालोर
जिस राज्य के मुख्यमंत्री खुद योगी हैं..उस राज्य उत्तरप्रदेश में भी चोटी काटने वाले गैंग..गिरोह..शक्ति या शरारती तत्व काम कर रहे हैं..यूपी के जिन जिलों में चोटी

काटने की घटनाएं हो रही हैं वो हैं जान लीजिए..
1. आगरा
2. मथुरा
3. गाजियाबाद
4. हापुड़
5. बागपत
चोटी काटने की इन सनसनी खेज वारदातों के बीच एक सच बिल्कुल साफ है..कि जो भी चोटी काट रहा है..उसका मोह बालों के प्रति कतई नहीं है..महिलाओं की

चोटियां घटना स्थल से ही बरामद हो रही हैं..दुनिया चांद पर जा रही है..और हिंदुस्तान की महिलाओं के सर पर चोटी कटवा का खतरा मंडरा रहा है..चोटी काटने की

अफवाह तमाशे में बदल चुकी है..ऐसा तमाशा जिसमें देखने वाले सभी ताली बजा रहे हैं..
ये पहली बार नहीं है इससे पहले भी देश अफवाहों से हिल चुका है..
1995 में मूर्ति के दूध पीने की अफवाह फैली
पूरे देश में लोग चम्मच से गणेश जी को दूध पिलाने लगे थे
2001 में दिल्ली में मंकी मैन की अफवाह फैली
हर आदमी मंकी मैन की कहानी बताता घूम रहा था
2005 में मुंह नोचवा ने लोगों की रात की नींद लूट ली थी
2006 में समुद्र का पानी मीठा होने की अफवाह फैली
मुंबई के समुद्र तट पर लोगों का हुजूम पहुंच गया
और अब महिलाओं की चोटी काटने की अफवाह
तमाम अफवाहों की तरह ये भी अफवाह ही साबित होगा..ये केश क्रांति भी अफवाह साबित होगी और औंधे मुंह जमीन पर गिरेगी..कुछ देर के कौतुहल के लिए इस तरह

की बातें और हरकतें शुरू हो जाती हैं..अगर यकीन नहीं आता तो अपने बालों की रक्षा करती वायरल हो रही इस तस्वीर को देखिए..पता चल जाएगा कि बाल काटने वाली

अफवाह के बीच समाज कैसे बच्चा बन जाता है...

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