मायावती-अखिलेश के साथ मिलकर 2019 लड़ सकती हैं

 वैसे भी दुश्मनी चाचा से थी भतीजा दोस्त है

मजबूरी बुआ-भतीजे को साथ लाएगी
मायावती इस बार यानी 2017 में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थीं  कुछ  ना  कुछ करके कम से कम सत्ता  में आ जाएंगी..लेकिन ये हो ना सका..बकौल मायावती बीजेपी ने ईवीएम हथकंडे से जीत मायावती से छीन ली है..इसीलिए  मायावती सपा  के साथ मिलकर 2019 के लोकसभा  चुनाव लड़ सकती हैं... https://www.youtube.com/watch?v=l5hSZCyoYF4

मायावती अब तक गठबंधन नाम से ही चिढ़ जाती थीं..लेकिन अब सहारे की जरूरत है क्योंकि 2012 में सपा से हारीं तब 80 सीट से संतोष  करना पड़ा..2014 लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमट गईं तब खुद को समझाया कि कोई नहीं मोदी लहर थी लहरें आती जाती रहती हैं..लेकिन 2017 में फिर से विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर सिमट गईं..अंबेडकर जयंती पर मायावती ने बड़ा ऐलान किया है..कि ईवीएम विरोधी और बीजेपी विरोधी पार्टियां उनसे गठबंधन कर सकती हैं...मायने साफ  हैं कि यूपी में बड़े दल की हैसियत सपा की ही है..फिर दो दल और बचते हैं जिनमें कांग्रेस और आरएलडी हैं...माया को इन दलों के साथ जाने या इन दलों को माया  के पास आने में  कोई सैधान्तिक ऐतराज नहीं है...क्योंकि मोदी लहर में डूबेते दलों को 2019 के लिए एक दूसरे में तिनका नजर आ रहा है..
    कुछ दिन पहले दिल्ली में माया और अखिलेश की मुलाकात की खबरें आ चुकी हैं...और गठबंधन की बात माया ने अपने लिखे हुए भाषण से पढ़ी  है..मायावती का ये बयान आने वाली राजनीति खास तौर पर 2019 के लिए गहरे संकेत हैं..कि क्या  महागठबंधन की स्थिति में माया सपा के साथ मिलकर नीतीश की अगुआई वाले बीजेपी के खिलाफ बनने वाले मोर्चे में शामिल होंगी..

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