सपा में विलय नहीं बस सत्ता में विलीन होना चाहते हैं अजित सिंह



जिन चौधरी अजीत सिंह की वजह से मुलायम को 80 के दौर में राष्ट्रीय लोकदल छोड़नी पड़ गई थी....वो चौधरी अजीत सिंह सपा से होते हुए राज्यसभा जाना चाहते हैं...मुलायम के मुकाबले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण के बेटे अजीत सिंह..लोकदल के उत्तराधिकारी तो बन गए थे लेकिन जनाधार के उत्तराधिकारी आज तक नहीं बन पाए...अजीत सिंह को सपा में प्रवेश दिए जाने पर मतभेद हैं..रामगोपाल यादव अजीत सिंह के सख्त खिलाफ हैं..

सपा का एक धड़ा  RLD का विलय चाहता है
अंदरखाने से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक पार्टी का एक धड़ा अजीत सिंह की पार्टी RLD का सपा में विलय चहता है लेकिन दूसरा धड़ा छोटी मोदी शर्तो और भागकर ना जाने के कसमों वादों पर ही अजीत सिंह को साइकिल पर बिठाना चाहता है..

शिवपाल चाहते हैं RLD से गठबंधन
अजीत सिंह 2012 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़े थे..यूपी विधानसभा में RLD के 8 विधायक हैं.. .अगर अजीत सिंह सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो पश्चिमी यूपी की लगभग 80 सीटों पर सपा को जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं को खोने का रिस्क उठाना पड़ सकता है...अजीत सिंह राजनीतिक बिसात पर पाला बदलने में माहिर हैं...सत्ता की रौशनी अजीत सिंह को पतंगे की तरह कहीं भी खींच ले जाती है..इससे पहले बिहार में जेडीयू से बात चल रही थी..बीजेपी से भी अजीत की बात चल रही थी.. लेकिन कहते हैं विलय का नाम सुनते ही अजीत बाबू भाग खड़े हुए..मुलायम 2017 के लिए अजीत सिंह के भीतर एक से भले दो..दो से भले चार वाला फायदा देख रहे हैं.लेकिन कहते हैं अल्पकालिक फायदा देखने में आजीत की आंखे मुलायम से ज्यादा तेज हैं

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