पुराने दोस्तों ने किया नए सफर का नामांकन


लखनऊ में सपा की तरफ से राज्यसभा के लिए 7 और विधानपरिषद के लिए 8 प्रत्याशियों ने नामांकन कर दिया...राज्यसभा जाने वालों में मुलायम के दिल निवासी अमर सिंह...सपा का नामकरण करने वाले बेनी प्रसाद वर्मा, सुरेंद्र नागर, यादव परिवार के करीबी शालीमार ग्रप के मालिक संजय सेठ.. इलाहाबाद में कभी मुरली मनोहर जोशी को हराने वाले और पुराने समाजवादी  रेवती रमण, मुलायम सिंह यादव के प्रति पारिवारिक निष्ठा रखने वाले..विधानपरिषद सदस्य और सभापति रह चुके..सुखराम सिंह यादव और  पूर्वाचल का निषाद चेहरा..कई बार विधायक रह चुके लोकसभा सांसद रह चुके और वर्तमान राज्यसभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने राज्यसभा का पर्चा भर दिया..

 विधान परिषद के लिए सपा के 8 प्रत्याशियों ने नामांकन किया..उनमें वर्तमान mlc और लखनऊ में शिया नेता बुक्कल नवाब..मुलायम के निजी सचिव की भूमिका निभा चुके और वर्तमान में अखिलेश के ओएसडी..जगजीवन राम...मुलायम के अखाड़े के साथी एक बार के विधायक एक बार के एमएलसी कमलेश पाठक..पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबी ..दो बार के विधानपरिषद सदस्य...सरकार में एक बार के मंत्री रह चुके यशवंत सिंह तीसरी बार विधानपरिषद जाने के लिए पर्चा भर चुके हैं..साथ ही ग्राम प्रधान रह चुके और मुलायम सिंह यादव के करीबी रणविजय सिहं ने पर्चा भर दिया..साथ ही चार बार विधायक रहे..सपा की पहली सरकार में मंत्री रह चुके सतरूद्र प्रताप सिंह ने भी नामांकन किया..पूर्वांचल में निषादों के नेता दो बार कांग्रेस के टिकट पर विधायकी लड़कर हार चुके श्याम सुंदर निषाद दूसरी बार सपा से विधानपरिषद जाएँगे...मुलायम सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके वर्तमान एमएलसी बलराम यादव ने भी पर्चा भर दिया..


हालांकि नामांकन की  प्रक्रिया रस्म अदायगी भर है...जिन चेहरों को राज्यपाल ने  मनोनीत करने से इंकार कर दिया था उन चेहरों के लिए सपा ने विधानपरिषद के लिए पीछे का दरवाजा खोल दिया..राज्यसभा सीटों के लिए हुए नामांकन के बाद उन खबरों पर भी विराम लग गया जिसमें ये कहा जा रहा  था कि बुखारी और मुलायम मिलन के बाद किसी मुस्लिम चेहरे को या खुद बुखारी को राज्यसभा भेजा जा सकता है..

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