दिल से दल में पहुंचे अमर..दिल्ली का टिकट भी कन्फर्म..बेनी बाबू ने भी मार दिया चौका

राज्यसभा की एक तिहाई सीटों पर हर दूसरे साल होने वाले चुनाव में 11 राज्यसभा सीटों पर सपा ने अपनी पहुंच वाली 7 सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है..अब अमर सिंह मुलायम के दिल के बजाए राज्यसभा में रहेंगे..हालांकि दल के लोगों में रामगोपाल, आजम खान और अमर के तीसरे पुराने दुश्मन बेनी प्रसाद ने विरोध किया यहां तक रामगोपाल यादव तुनककर दिल्ली भी चले गए..लेकिन मुलायम के दिल के आगे दल वाले हार गए..

बाराबंकी वाले बेनी प्रसाद के मन की मुराद भी पूरी हो गई है अब बस बेटे को कहीं फिट करना है...सपा में शामिल होते ही बेनी बाबू को राज्यसभा..का कन्फर्म टिकट मिल गया..कहते हैं बेटे के लिए MLC का टिकट चाहते थे..लेकिन दो कुर्सियां एक साथ मांगते हुए लज्जा गए..या यूं कहें कि अभी इतना बर्गेन पावर नहीं था..इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले धनवान, बलवान और एक जमाने में मुरली मनोहर जोशी को हराने वाले रेवती रमण भी राज्यसभा जाएंगे...शालीमार ग्रप के मालिक और दूसरे कारणों से मशहूर बिल्डर संजय सेठ भी राज्यसभा जाएंगे...मनोनयन कोटे वाली MLC की खेप में पिछले दिनों  संजय सेठ का नाम राजभवन गया था लेकिन राज्यपाल को संजय सेठ का नाम पसंद नहीं आया था..राज्यपाल ने सरकार से पूछा था कि कला विज्ञान मनोरंजन किस क्षेत्र में संजय को महारथ हासिल है किसी ने कहा..बिल्डर हैं..मतलब शिल्पकार हैं तो राज्यपाल ने कहा ब्रह्म्हा जी का कोटा अभी मनोनयन कोटे में नहीं जुड़ा है आप माफ करें..और नाम वापस कर दिया था..तब के निराश संजय को अब सपा ने बड़ा गिफ्ट दिया है..

यूपी विधानसभा के पूर्व सभापति और यादव परिवार के करीबी सुखराम यादव को भी राज्यसभा का टिकट मिला है...विषंभर निषाद राज्यसभा में बने रहेंगे विशंभर निषाद का कार्यकाल जुलाई में पूरा हो रहा था लेकिन अब विशंभर सांसद बने रहेंगे...सपा से अरविंद प्रताप सिंह भी राज्यसभा जाएंगे...

साथ ही यूपी के विधानपरिषद जाने वालों में बलराम यादव, शतरुद्र प्रकाश, यशवंत सिंह, टीवी पर चमकने वाला एकलौता मुस्लिम चेहरा..यानी बड़बोले बुक्कल नवाब एमएलसी बने रहेंगे...राम सुंदर निषाद..जगजीवन प्रसाद कमलेश पाठक.. रणविजय सिंह एमएलसी बनेंगे...इसी के साथ राज्य सभा में कांग्रेस और बीजेपी के बाद सपा तीसरे नंबर की पार्टी बन जाएगी..साथ ही यूपी विधानपरिषद में सपा के विधायकों की संख्या 61 से 64 हो जाएगी मतलब 4 MLC का कार्यकाल पूरा हुआ और सपा ने फिर से 7 वापस भेज दिए...सेफ नामों का ऐलान हो चुका है अब जोड़ तोड़ बाकी है यानी 227 विधानसभा सीटों वाली सपा को एक MLC के लिए 32 विधायक खर्च करने पड़ेंगे और एक राज्यसभा सांसद के लिए 36 विधायक खर्चने पड़ेंगे यानी 32*227 और 36*227 जितने भी विधायक बचेंगे उनके वोट किसी और पार्टी के कैंडीडेट पर खर्च किए जाएंगे या निर्दलिओं के वोट लेकर अपना कैंडीडेट जिताने की कोशिश होगी...




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