BJP के चार चरित्र बने चेहरा




यूपी विधानसभा चुनाव का चक्रव्यूह भेदने के लिए बीजेपी ने अपने अभिमन्यू मैदान में उतार दिए हैं..अंदर खाने से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक 75 जिलों वाले यूपी को बीजेपी ने चार टुकड़ों  में करके अपने चार चेहरों के हाथ सौंप दिया है..स्मृति ईरानी, महेश शर्मा, खुद केशव प्रसाद मौर्या..और स्वतंत्र देव सिंह टुकड़ों में बंटे यूपी की बीजेपी की तरफ से कमान संभालेंगे..


 मध्य यूपी यानी अमेठी के आस पास के जिलों की जिम्मेदारी फायरब्रांड नेता स्मृति ईरानी की होगी..क्योंकि स्मृति अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर हार चुकी हैं..हारने के बावजूद वो यहां आती जाती रहती हैं..इस इलाके से अच्छी तरह से परिचित हो चुकी हैं.. दूसरे चेहरे  यानी स्वतंत्र देव सिंह को प्यासे बुंदेलखंड में  बरसों से प्यासी बीजेपी की प्यास बुझाने की जिम्मेदारी दी गई है स्वतंत्र देव सिंह मिर्जापुर में पैदा हुए..झांसी से bsc किया..बुंदेलखंड के इलाकों में काफी एक्टिव रहते हैं और सबसे बड़ी बात कि 1986  से  rss से जुड़े रहे  हैं और 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी की रैलियों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं....

यूपी विधानसभा चुनाव का चक्रव्यूह भेदने के लिए बीजेपी ने अपने अभिमन्यू मैदान में उतार दिए हैं..अंदर खाने से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक 75 जिलों वाले यूपी को बीजेपी ने चार टुकड़ों  में करके अपने चार चेहरों के हाथ सौंप दिया है..स्मृति ईरानी, महेश शर्मा, खुद केशव प्रसाद मौर्या..और स्वतंत्र देव सिंह टुकड़ों में बंटे यूपी की बीजेपी की तरफ से कमान संभालेंगे..

 अलवर में जन्मे पेश से डॉक्टर गौतमबुद्ध नगर से सांसद और  केंद्र सरकार में पर्यटन मंत्री महेश शर्मा  पश्चिमी यूपी को बीजेपी के नक्शे पर उभारने के लिए चुने गए हैं.. पूर्वी यूपी का मोर्चा खुद यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या संभालेंगे..क्योंकि केशव इलाबाद की फूलपुर सीट से सांसद हैं...कौशांबी जन्म स्थान है..इसलिए पूर्वी यूपी में उनकी पूछ है..और इसीलिए केशव पूर्वी यूपी में बीजेपी की लाज बचाएंगे..

 जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक इस बार 2017 यूपी विधानसभा में बीजेपी सीएम कैंडीडेट के साथ मैदान में उतरेगी..बीजेपी ने चुनाव प्रचार के लिए जो सेनापति चुने हैं उनमें स्मृति ईरानी को छोड़कर बाकी के तीनों चेहरे rss के प्रचारक रह चुके हैं.. चारों धुरंधर  केंद्रीय नेतृत्व के नजदीक हैं...बड़ी जिम्मेदारियां RSS के नजदीकियों को मिल रही हैं.सवाल ये है कि वरूण गांधी..मेनिका गांधी..मुरली मनोहर जोशी..लक्ष्मीकांत वाजपेयी..लाल जी टंडन...कलराज मिश्रा..योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं का क्या होगा..

Comments