भारत कृषि प्रधान तो है लेकिन किसान प्रधान नहीं


भारत कृषि प्रधान देश है..लेकिन शायद किसान प्रधान देश नहीं है..शायद इसीलिए देश में अन्न को तो माथे से लगाकर खाया जाता है और अन्नदाता से आतंकवादी जैसा व्यवहार किया जाता है..अगर किसान हक मांगते हैं तो लाठी मिलती है..सरकार वादों की टॉनिक पिलाती है..गन्ना किसान मरते रहते हैं...बकाया भुगतान नहीं होता है..सरकार मिल मालिकों को मनाती रहती है..

क्या सरकार के पास कोई और रास्ता नहीं होता?..क्या मिल मालिकों ने ही मिलकर सपा सरकार बनाई थी? क्या केवल मिल मालिकों ने ही वोट दिया था?..किसानों के बदन पर पूरे कपड़े क्यों नहीं होते?..किसानों की दीवारों पर ही छप्पर क्यों होते हैं?..आजादी के बाद से आज तक ये केवल सवाल हैं महज सवाल जवाब देने की जहमत या जाबांजी किसी ने नहीं दिखाई.. 

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